सोमवार, 4 फ़रवरी 2013

लिपटें न आप मुझसे अमरबेल की तरहडा. विष्णु सक्सेना


अब चल रही है जिंदगी ढकेल की तरह।

घर मुझको लग रहा है किसी जेल की तरह।




कल मेरी ज़िदंगी थी जंज़ीर ज़ुल्फ की,

दम घोंटती है अब वही नकेल की तरह।




मैं खुद ही बिखर जाउंगा लगने से पेश्तर,

मत फेंकिये किसी पै मुझे ढेल की तरह।




मैं ग़म के बगीचे का इक सूखा दरख़त हूँ,

लिपटें न आप मुझसे अमरबेल की तरह।




फूलों ने दिये ज़ख्म तो शूलों ने सीं दिये

सब खेलते हैं मुझसे यूँ ही खेल की तरंह।




अब तो करो रहम हमें आँखें न दिखाओ

बातें ही लग रहीं हैं अब गुलेल की तरह।



कल मेंने दिल की आग पर सेंकी थीं रोटियाँ

आँसू सभी जला दिये थे तेल की तरह।

शनिवार, 2 फ़रवरी 2013

आज फिर से है संकट खड़ा हो रहा-विवेकशील

आज फिर से है संकट खड़ा हो रहा।
कल था छोटा मगर अब बड़ा हो रहा।
बच सके मातृभूमि जतन कीजिये।
आगे बढ़ बांध सर पर कफन लीजिये।
आप अपनी ही मस्ती में क्यूं चूर हैं।
बस सुनामी की लहरें कुछ ही दूर हैं।
देशद्रोही का खेमा बड़ा हो रहा।
आज फिर से है..............................।

लूटा धन को है दौलत को सम्मान को।
तोड़े मन्दिर न छोड़ा है भगवान को।
और हम फिर से मन्दिर ही गढ़ते रहे।
भय के मारे थे गीता ही पढ़ते रहे।
गीता पढ़ ली न समझे अभी सार को।
डूबी नैया न थामा है पतवार को।
अपना मन पाप का इक घड़ा हो रहा।
आज फिर से है..............................।

हो मनुज तो स्वयं के ही हित कुछ करो।
जाग जाओ अरे स्वांस फिर से भरो।
हो सका जाग कर मृत्यु टल जायेगी।
कुछ किया तो ये सृष्टि बदल जायेगी।
छोड़कर लोभ, लालच जुड़ो प्रीति से।
संगठित हो करो काम कुछ नीति से।
देश पर आंख अपनी गढ़ा वो रहा।
आज फिर से है.............................।

शनिवार, 16 जुलाई 2011

लोकसभा की मंडी में -rajveer singh



लोकसभा की मंडी में,
सब्जी क्या, सांसद बिकता है,
आलू, गोभी, भिन्डी, तोरी,
कालाधन जोर से चलता है....
महंगाई सीना चीरती है,
बेबसी कपड़े फाड़ती है,
इस मंडी का कहना क्या ,
मनमोहन इसका आढती है...
सुप्रीम कोर्ट ने कहा,
गरीबों में बांट दो अनाज सड़ता है,
अपने मनमोहन को इससे क्या फर्क पड़ता है.
कोर्ट ने कहा दे दो गुरु को फांसी,
मनमोहन बोले ना जी,
काटजू बोले छोड़े दे उसको
मनमोहन सोचे ये बोला किसको
हमको भ्रष्टाचार से नहीं है फुर्सत,
काले धन से नहीं है फुर्सत...

मंगलवार, 28 जून 2011

शुक्रवार, 26 नवंबर 2010